कक्षा 8 में जाने का अनुभव


कक्षा आठ में जाने का अनुभव मेरे जीवन का एक बहुत खास और यादगार समय था। इसमें मेरे मन में एक साथ कई तरह की भावनाएँ चल रही थीं—डर, खुशी, उत्साह और थोड़ा सा दुख भी। कक्षा शुरू होने से एक दिन पहले रात को मैं बिल्कुल ठीक से सो नहीं पा रही थी। मैंContinue reading “कक्षा 8 में जाने का अनुभव”

कालीन का कारीगर


गुन्नीलाल जी के यहाँ से लौट रहा था। सवेरे साढ़े आठ का समय। धूप अभी तीखी नहीं हुई थी। सामने एक आदमी साइकिल पर था — सिर पर गमछे का फेंटा बाँधे, पीठ सीधी, पीछे कैरियर में टिफिन दबाया हुआ। चाल में जल्दी थी, पर थकान भी। मैंने बिजली की साइकिल तेज़ की और बगलContinue reading “कालीन का कारीगर”

सिब्बू गुरू की बारात


आज साइकिल गुन्नीलाल जी के यहाँ मुड़ गई। ग्वाले के यहाँ से वे दूध ले कर आ चुके थे। नीम की छाँव में अपना मोबाइल स्क्रॉल कर रहे थे। मुझे देख कर उठे, स्वागत किया। नीम के नीचे ही कुर्सी और टेबल लाये — धूल साफ कर बिठाया। तब बातचीत शुरू हुई। बोले — साहेब,Continue reading “सिब्बू गुरू की बारात”

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