राजन भाई की गेंहू थ्रेशाई


गांवदेहात डायरी एक्यूआई बताने वाले एप्प की बजाय हवा की सही गुणवत्ता बताने के तरीके गांव देहात में अलग हैं। बनारस जाने वाली पसीजर कितने बजे जाती है; वही तय करती है कि बगल के केवटान और पसियान में चूल्हे कब सुलगाये जायेंगे और कब हवा में धुआं भरेगा। पसीजर से कई मरसेधू काम परContinue reading “राजन भाई की गेंहू थ्रेशाई”

नर्मदा दंड परिक्रमा – यात्रा का प्रारम्भ


प्रेमसागर गुजरे बलिया पेसेंजर से सवेरे फोन आया तो प्रेमसागर की ट्रेन बनारस सिटी में खड़ी थी। उन्होंने बताया कि वे प्रयाग जा रहे हैं, वहां से चित्रकूट जायेंगे। किसी शुभ वृक्ष का दंड वहां से लेकर आगे निकलेंगे—नर्मदा की दंड परिक्रमा के लिये। मेरे हिसाब से यह शुद्ध हठयोग है। इससे साधक की आत्मिकContinue reading “नर्मदा दंड परिक्रमा – यात्रा का प्रारम्भ”

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