प्रेमसागर की दंड नर्मदा परिक्रमा के छाले


नियमित लिखना नहीं हो रहा, पर प्रेमसागर फोन कर या ह्वाट्सएप्प कर बता देतें है अपनी दंड यात्रा का हाल। घाघा से आगे निकल चुके हैं। सहस्त्रधारा पीछे छूट गई है। किसी अहमदपुर में वन विभाग के रेस्ट हाउस में शाम गुजार रहे थे। वन विभाग के डिप्टी साहब साथ में थे। नर्मदा माई कीContinue reading “प्रेमसागर की दंड नर्मदा परिक्रमा के छाले”

दण्ड परिक्रमा से जुड़ते लोग 


नर्मदा दंड परिक्रमा रींवा के स्वामीदीन पाण्डेय की बिटिया प्रियंका, और उसके पति अंकित—मंडला में रहते हैं। स्वामीदीन जी ने उन्हें कहा कि प्रेमसागर का ध्यान रखें। बात कहने भर की थी, पर उन्होंने उसे जिम्मेदारी की तरह लिया। घर बुलाया, सत्कार किया, और अब जहां भी प्रेमसागर रात में रुकते हैं, वहां पहुंच जातेContinue reading “दण्ड परिक्रमा से जुड़ते लोग “

सूर्यकुंड से बंजार संगम


नर्मदा दंड परिक्रमा  मंडला में नर्मदा के दक्षिण तट से प्रेमसागर ने नर्मदा दंड परिक्रमा प्रारम्भ की। शुरुआत सूर्यकुंड से हुई—दक्षिणमुखी हनुमान जी को प्रणाम कर। सवेरे लगभग दस बजे निकलना हुआ। आज उनके पास कमंडल नहीं था। आगे दो लीटर का कमंडल खरीदना है। सामान फिलहाल अंकित जी के यहाँ रखा है—वे लेकर आContinue reading “सूर्यकुंड से बंजार संगम”

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