घर में बिस्तर पर लेटे लेटे नियमित अन्तराल पर शिव कुटी के मेले के इनपुट मिल रहे है। दूर से शोर भी आ रहा है माइक पर चीखते गानों और बीच में कर्कश आवाज में हो रही उद्घोषणाओं का। कोटेश्वर महादेव पर यह शहरी-कम-गंवई मेला वार्षिक फीचर है। पिछले दशकों में जमीन का अतिक्रमण करनेContinue reading “शिवकुटी का मेला”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
स्वार्थ-लोक के नागरिक
मेरी कालोनी के आसपास बहुत बड़े बड़े होर्डिंग लगे हैं – सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिये नागरिक शास्त्र, पढ़िये केवल विनायक सर से। मैं नहीं जानता विनायक सर को। यह अवश्य है कि बहुत समय तक – (या शायद अब भी) मैं अपने मन में साध पाले रहा एक आदर्श प्रोफेसर बनने की। परContinue reading “स्वार्थ-लोक के नागरिक”
बीच गलियारे में सोता शिशु
गलियारा किसी मकान का नहीं, दफ्तर की इमारतों के कॉम्प्लेक्स का। जिसपर लोग पैदल तेजी से आते जाते हों। उसपर वाहन नहीं चलते। पर बहुत चहल पहल रहती है। एक बहुमंजिला बिल्डिंग से निकल कर दूसरी में घुसते लोग। किनारे खड़े हो कर अपनी सिगरेट खतम करते लोग। बाहर से आये लोग जो रास्ता पूछContinue reading “बीच गलियारे में सोता शिशु”
