कक्षा आठ में जाने का अनुभव मेरे जीवन का एक बहुत खास और यादगार समय था। इसमें मेरे मन में एक साथ कई तरह की भावनाएँ चल रही थीं—डर, खुशी, उत्साह और थोड़ा सा दुख भी। कक्षा शुरू होने से एक दिन पहले रात को मैं बिल्कुल ठीक से सो नहीं पा रही थी। मैंContinue reading “कक्षा 8 में जाने का अनुभव”
Category Archives: आत्मविकास
कोहरा – साइकिलवाद से पैदलवाद की ओर
<<< कोहरा – साइकिलवाद से पैदलवाद की ओर >>> नये साल का संकल्प कि रोज दस हजार से ज्यादा कदम चलना है; सिर मुड़ाते ही ओले पड़ने जैसा कुछ साबित हुआ। साल की शुरुआत ही मौसम के खराब होने और कोहरा गहराने से हुई। साइकिल चलाना तो कोहरे में सही नहीं था, घर परिसर मेंContinue reading “कोहरा – साइकिलवाद से पैदलवाद की ओर”
व्योमकेश शास्त्री बनाम नीलकंठ चिंतामणि
<<< व्योमकेश शास्त्री बनाम नीलकंठ चिंतामणि >>> व्योमकेश शास्त्री आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी के द्वारा रचा काल्पनिक चरित्र है। काफी हद तक आचार्य जी का ‘क्लोन’। जितने आचार्य जी का लेखन मुझे भाता है उतने ही व्योमकेश का चरित्र भी। व्योमकेश से प्रेरित हो कर मैं भी अपने क्लोन बनाता रहता हूं अपनी मानसिक दुनियां में।Continue reading “व्योमकेश शास्त्री बनाम नीलकंठ चिंतामणि”
