एक चिठ्ठा गूगल को चुनौती के लिए चाहिए


बिजनेस वीक में “Is Google Too Powerful?“ के नाम से बड़ा रोचक लेख है। मैं तर्जुमा करने की स्थिति में अभी नहीं हूं। सो कृपया आप सीधा सोर्स से पढें। लेख का मतलब यह है कि गूगल्जान (Google+Amazon) 2014 तक इतना पावरफुल हो जाएगा कि दुनिया के आनलाइन नालेज बैंक (फुटकर लोगों की खबर, मनोरंजन,Continue reading “एक चिठ्ठा गूगल को चुनौती के लिए चाहिए”

नारद और हिंदी के हर मर्ज की दवा


मैं अपने एक इंस्पेक्टर को कहा रहा था कि कहीं से दिनकर की उर्वशी खरीद लायें। मेरी प्रति खो गयी है। मेरे एक गाडी नियंत्रक पास में खडे थे। बोले – साहब आपने पिछली बार दिल्ली भेजा था तो कुछ लोग वहां बात कर रहे थे कि आपकी हिंदी के बारे में अगर कोई प्राबलमContinue reading “नारद और हिंदी के हर मर्ज की दवा”

अच्छा मित्रों, राम-राम!


महीना भर हिन्दी में लिखने की साध पूरी कर ली. रूटीन काम के अलावा रात में ट्रेन ऑपरेशन से जुड़ी़ समस्याओं के फोन सुनना; कभी-कभी ट्रेन दुर्घटना के कारण गाडि़यों को रास्ता बदल कर चलाने की कवायद करना; और फिर मजे के लिये दो उंगली से हिन्दी टाइप कर ब्लॉग बनाना – थोडा़ ज्यादा हीContinue reading “अच्छा मित्रों, राम-राम!”

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