ज्ञानदत्त मोनोपोली ध्वस्त होने की आशंका से परेशान!!!


ज्ञानदत्त बड़े परेशान हैं. उस क्षण को कोस रहे हैं, जब संजय कुमार ने उनसे कहा था कि उन्होने “हलचल” वाला ब्लॉग खोज लिया है और टिप्पणी कैसे की जाये? ज्ञानदत्त जी को लग रहा है कि सही रिस्पॉंस होना चाहिये था – “बन्धु, कल राजधानी एक्सप्रेस 20 मिनट टुटुहूंटूं स्टेशन पर खड़ी रही थीContinue reading “ज्ञानदत्त मोनोपोली ध्वस्त होने की आशंका से परेशान!!!”

नेटवर्क मार्केटिंग का झमेला


एक सज्जन नेटवर्क मार्केटिंग के तहद घर पर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कुकिंग सिस्टम का डिमॉंस्ट्रेशन कर के गये हैं. पूरे जादुई अन्दाज में. चार कप चाय बना कर बताई है. कूकर की प्लेट पर 500 रुपये का नोट रख कर बताया है कि कुकिंग सिस्टम की प्लेट गरम नहीं होती और नोट जलता नहीं. हाथ भी पीसीContinue reading “नेटवर्क मार्केटिंग का झमेला”

उच्च-मध्य वर्ग की अभद्र रुक्षता


तेज ब्रेक लगाने से मेरा वाहन रुक गया. हमारे ड्राइवर ने देखा कि ट्रैफिक सिगनल अचानक लाल हो गया है. वाहन स्टॉप-लाइन से तीन-चार कदम आगे चला गया था. ड्राइवर ने वाहन धीरे से बैक करना प्रारम्भ कर दिया. तब तक पीछे एक कार रुक चुकी थी. कार वाले ड्राइवर ने जोर से हॉर्न दिया.Continue reading “उच्च-मध्य वर्ग की अभद्र रुक्षता”

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