मैं वर्षों से यहाँ WordPress पर “मानसिक हलचल” लिखता आ रहा हूँ।यह जगह मेरे लेखन का संग्रह रही है—एक तरह की खुली डायरी। हाल ही में मैंने Substack पर भी लिखना शुरू किया है।वहाँ अब तक काफी पोस्टें आ चुकी हैं। Substack को मैंने इसलिए चुना क्योंकि वहाँ लेख सीधे ईमेल में पहुँचते हैं,पढ़ना अधिकContinue reading “एक सूचना: अब मेरा लेखन Substack पर भी है”
Category Archives: Musings
प्रांग्शी की ऑनलाइन पाठशाला
ऑनलाइन शिक्षा, पालन-पोषण और बच्चे के भविष्य पर एक व्यक्तिगत नोट कल शैलेश और उसकी पत्नी अतु मिलने आए थे। साथ में उनकी पाँच साल की बिटिया—प्रांग्शी। जब वह कार से उतरी, तो उसके हाथ में खिलौना नहीं था, न कोई गुड़िया। एक टैबलेट था। उस पर उसकी क्लास चल रही थी। देश के अलग-अलगContinue reading “प्रांग्शी की ऑनलाइन पाठशाला”
महराजगंज बाजार में पानी की पाइप लाइन
बाबा प्रधान की तबियत कुछ नासाज़ थी। सवेरे देर से उठे थे, पर फिर भी मेरे साथ आ बैठे। बातचीत यूँ ही शुरू हुई और देखते-देखते महराजगंज बाजार के बढ़ने की कहानी आगे खुलने लगी—कैसे धीरे-धीरे बुनियादी सुविधाएँ आईं, और पानी जैसी साधारण लगने वाली चीज़ कभी पूरे बाजार की सामूहिक चिंता हुआ करती थी।Continue reading “महराजगंज बाजार में पानी की पाइप लाइन”
