नर्मदा दंड परिक्रमा: अध्याय 4


घंसौर से आगे – नदी सौंदर्य दिखाती है, सड़क इंतजाम करती है 21 मई मेरे हिसाब से प्रेमसागर को घंसौर से बरगी की ओर बढ़ना चाहिये था। नर्मदा उत्तर में हैं। पर वे पश्चिम की ओर निकल गये। सड़क की सहूलियत तय कर रही है — चलना किस दिशा में होगा। आज लखनादोन रोड परContinue reading “नर्मदा दंड परिक्रमा: अध्याय 4”

खाड़ी की जंग से पस्त अर्थव्यवस्था के बहाने कुछ विचार


चार महीने पहले तक हम अर्थव्यवस्था की मजबूती की खुशफहमी में थे कि होरमुज़ की जंग ने सपना तोड़ दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया गिर रहा था पर उसे हम अपने निर्यात के लिये अच्छा मान रहे थे। लेकिन जंग के कारण जब कच्चा तेल सौ डॉलर पार हुआ तो अर्थशास्त्रियों की चोटी खड़ी होContinue reading “खाड़ी की जंग से पस्त अर्थव्यवस्था के बहाने कुछ विचार”

कहां नहीं है कट मनी, दबंगई, सिंडीकेट


गांव में आ कर शुरू शुरू में लगता था कि यहां वह सब नहीं होगा जिसकी शिकायत शहरों और राजनीति में की जाती है। कट मनी, दबंगई, सिंडीकेट, उगाही — ये सब कहीं दूर की चीजें लगती थीं। गांव मानो बचपन में लौटने की जगह था। शायद हम गांव को देखना नहीं, याद करना चाहतेContinue reading “कहां नहीं है कट मनी, दबंगई, सिंडीकेट”

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