मध्यमता (मिडियॉक्रिटी) के युग में उत्कृष्टता की राजनीति


कोई भी व्यवस्था जो सर्वश्रेष्ठ को चुनने में असफल है, वह अंततः सबसे कमजोर को ही धोखा देती है। भारतीय लोकतंत्र पिछले कुछ दशकों से एक अजीब द्वंद्व में फँसा हुआ है। एक ओर अनुपातिक प्रतिनिधित्व की राजनीति है—जिसने ऐतिहासिक अन्यायों को दृश्यता दी, आवाज़ दी और एससी, एसटी, ओबीसी आदि के लिये सत्ता केContinue reading “मध्यमता (मिडियॉक्रिटी) के युग में उत्कृष्टता की राजनीति”

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