हमारे घर का सेंगोल — राजदंड


गांवदेहात डायरी पोर्टिको में चाय-अनुष्ठान का चरित्र अब पक्षियों की संख्या और उनकी प्रजातियों की विविधता के साथ बदल गया है। अब कौए बढ़ गये हैं—पहले आठ-दस हुआ करते थे, अब दो दर्जन या उससे भी अधिक। मुंडेर या ऊँची जगहों पर बैठे वे पोर्टिको की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। फीकी नमकीन का डिब्बाContinue reading “हमारे घर का सेंगोल — राजदंड”

सवेरे की साइकिल सैर का मजा


गांवदेहात डायरी सवेरे सवा सात बजे घर से निकलता हूं बिजली की साइकिल पर। तापक्रम 28 डिग्री के आसपास और हवा भी (अपेक्षाकृत) साफ। घूमने का मजा ऐसे ही मौसम में है। यातायात कम होता है। हाईवे की सर्विस लेन पर चारपहिया वाहन लगभग नहीं के बराबर। ज्यादातर लोग साइकिल पर अपने छोटे बर्तन मेंContinue reading “सवेरे की साइकिल सैर का मजा”

होरमुज़ से गुजरते जहाज का स्वप्न


गांवदेहात डायरी खाड़ी युद्ध के चक्कर में आजकल बाहरी समाचार पत्रों का पठन बढ़ गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स, वाल स्ट्रीट जर्नल और वाशिंगटन पोस्ट तो नियमित देखता ही हूँ। उनकी रिपोर्टिंग, विश्लेषण और एडीटोरियल कंटेंट प्रभावित करते हैं। हमारे यहाँ के अखबार प्रायः वही बातें उठा कर छापते नज़र आते हैं। उनका अपना मौलिक लगभगContinue reading “होरमुज़ से गुजरते जहाज का स्वप्न”

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free