सुनील भाई ओझा के बाद गड़ौलीधाम 


गांवदेहात डायरी  सुनील ओझा जी का निधन 29 नवम्बर 2023 को हुआ। उसके बाद से मेरा गड़ौलीधाम जाना नहीं हुआ। गड़ौलीधाम सुनील भाई का ड्रीम-प्रॉजेक्ट था। इसके जरिये वे गांवदेहात की सूरत बदलने की सोचते थे। यहां एक गौशाला होती, एक चिकित्सालय, एक शिव मंदिर। आसपास के वृद्धों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था। मैंContinue reading “सुनील भाई ओझा के बाद गड़ौलीधाम “

शांतिधाम में तेल की फिक्र


गांवदेहात डायरी बरियापुर में गंगा किनारे रहना और एक साधारण साइकिल से घूमना-टहलना। उसके अलावा डेस्कटॉप पर एक-दो घंटा की-बोर्ड पीटना — यही काम है मेरा।पर फिर भी मन होरमुज़, ईरान, अरब और इजराइल के चक्कर मारता रहता है आजकल। जेब में पैसे नहीं थे, पर स्मार्टफोन था। मैंने पेट्रोल पम्प की ओर रुख किया।Continue reading “शांतिधाम में तेल की फिक्र”

शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये


गांवदेहात डायरी   बरियापुर के गंगा किनारे पर नदी घूमती हैं। घाट पर खड़े हो कर देखता हूं तो बांये और दांये सिर घुमाने पर वह घुमाव साफ नजर आता है। खाड़ी में युद्ध चल रहा है तो मन में नदी नहीं, होरमुज़ की खाड़ी में ओमान का वह टिप नजर आता है।नक्शे में जगहContinue reading “शांतिधाम में होरमुज़ – गर्मी उतरनी चाहिये”

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