चित भी मेरी और पट भी


बचपन में मां चिडिया की कहानी बताती थीं. चिड़िया अपनी कुलही (टोपी) पर इतराती फिर रही थी. कह रही थी कि उसकी कुलही राजमुकुट से भी अधिक सुन्दर है. उसके गायन से तंग आ कर कुलही राजा ने छीन ली थी. चिड़िया गाती फिरी – “रजवा सैतान मोर कुलही लिहेस.(राजा शैतान है. उसने मेरी टोपीContinue reading “चित भी मेरी और पट भी”