हिन्दी ब्लॉगरी में नॉन-कंट्रोवर्शियल बनने के 10 तरीके


झगड़ा-टण्टा बेकार है. देर सबेर सबको यह बोध-ज्ञान होता है. संजय जी रोज ब्लॉग परखने चले आते हैं, लिखते हैं कि लिखेंगे नहीं. फलाने जी का लिखा उनका भी मान लिया जाये. काकेश कहते हैं कि वे तो निहायत निरीह प्राणी हैं फिर भी उन्हे राइट-लेफ़्ट झगड़े में घसीट लिया गया. लिहाजा वे कहीं भीContinue reading “हिन्दी ब्लॉगरी में नॉन-कंट्रोवर्शियल बनने के 10 तरीके”