सुरियांवां, देवीचरण, टाई और नमकीन!


देवी चरण उपाध्याय तो उम्मीद से ज्यादा रोचक चरित्र निकले! कल की पोस्ट पर बोधिसत्व जी ने जो देवीचरण उपाध्याय पर टिप्पणी की, और उसको ले कर हमने जो तहकीकात की; उससे इस पोस्ट का (हमारे हिसाब से रोचक) मसाला निकल आया है.कल अनूप सुकुल जी की पोस्ट पर वर्षा के बारे में निराशा केContinue reading “सुरियांवां, देवीचरण, टाई और नमकीन!”

सुरियांवां के देवीचरण उपाध्याय के रेल टिकट


देवीचरण उपाध्याय सुरियांवां के थे. बोधिस्त्व के ब्लॉग में सुरियांवां का नाम पढ़ा तो उनकी याद आ गयी. मैं देवीचरण उपाध्याय से कभी नहीं मिला. मेरी ससुराल में आते-जाते थे. वहीं से उनके विषय में सुना है. जो इस क्षेत्र को नहीं जानते उन्हे बता दूं – इलाहाबाद से रेल लाइन जाती है बनारस. वहContinue reading “सुरियांवां के देवीचरण उपाध्याय के रेल टिकट”

शांती की पोस्ट पर मेरे माता-पिताजी का लगाव


कल मैने शांती पर एक पोस्ट पब्लिश की थी. कुछ पाठकों ने ब्लॉगरी का सही उपयोग बताया अपनी टिप्पणियों में. मैं आपको यह बता दूं कि सामान्यत: मेरे माता-पिताजी को मेरी ब्लॉगरी से खास लेना-देना नहीं होता. पर शांती की पोस्ट पर तो उनका लगाव और उत्तेजना देखने काबिल थी. शांती उनके सुख-दुख की एकContinue reading “शांती की पोस्ट पर मेरे माता-पिताजी का लगाव”