ब्लॉगिंग की पिरिक (Pyrrhic) सफलता


एपायरस के पिरस – विकीपेडिया में संसद में सरकार की जीत को कई लोगों ने पिरिक जीत बताया है। अर्थात सरकार जीती तो है, पर हारी बराबर! मानसिक कण्डीशनिंग यह हो गयी है कि सब कुछ ब्लॉगिंग से जोड़ कर देखने लगा हूं। और यह शब्द सुन/पढ़ कर कपाट फटाक से खुलते हैं: मेरा ब्लॉगिंगContinue reading “ब्लॉगिंग की पिरिक (Pyrrhic) सफलता”

रेल के डिब्बे में स्नॉबरी


मध्य वर्ग की स्नॉबरी रेल के द्वितीय श्रेणी के वातानुकूलित डिब्बे में देखने के अवसर बहुत आते हैं। यह वाकया मेरी पत्नी ने बताया। पिछली बार वे अकेले दिल्ली जा रही थीं। उनके पास नीचे की बर्थ का आरक्षण था। पास में रेलवे के किसी अधिकारी की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ यात्रा करContinue reading “रेल के डिब्बे में स्नॉबरी”

"सीज़ फायर" – कैसे चलायेंगे जी?!


बहुत स्थानों पर फायर एक्स्टिंग्विशर लगे रहते हैं। पर जब आग थोड़ी सी ही लगी हो तो ही इनका उपयोग फायदेमन्द रहता है। अग्निदेव जब प्रचण्ड हो जायें तो इन १-१० किलो ड्राई केमिकल पाउडर के बस के होते नहीं। लेकिन कितने लोग फायर एक्टिंग्विशर का प्रयोग जानते हैं? यात्रा के दौरान अपने डिब्बे मेंContinue reading “"सीज़ फायर" – कैसे चलायेंगे जी?!”