द्विखण्डित


कटरा, इलाहाबाद में कपड़े की दुकान का मालिक, जो स्त्रियों के कपड़े सिलवा भी देता है, अपनी व्यथा सुना रहा था – “तेईस तारीख से ही सारे कारीगर गायब हो गये हैं। किसी की मां बीमार हो गई है। किसी के गांव से खबर आई है कि वापस आ जा। तुझे मार डालेंगे, काट करContinue reading “द्विखण्डित”

भाग तीन – कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ


यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ की उनकी कैलीफोर्निया यात्रा के दौरान हुये ऑब्जर्वेशन्स पर आर्धारित तीसरी अतिथि पोस्ट है: सफ़ाई और कचरे का निस्तारण (garbage disposal) ========================== एक और बात आप वहाँ (कैलीफोर्निया) पहुँचते ही नोटिस करेंगे और वह है वहाँ का साफ़ वातावरण। रास्ते में कहीं भी कूड़ा-कचरा देखने को नहीं मिलेगा। जरा देखिए इसContinue reading “भाग तीन – कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ”

भाग दो – कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ


यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ की अतिथि पोस्ट है: एक और बात मैंने नोट की और वह है ये अमरीकी लोग अपनी प्राइवेसी (privacy) पर कुछ ज्यादा ही जोर देते हैं।  अमरीकी नागरिक खुलकर  बातें नहीं करते थे हम लोगों से। हम जैसे कम्यूनिकेटिव (communicative) नहीं होते। शायद मेरा यह अनुमान गलत है और सिर्फ़ मेरेContinue reading “भाग दो – कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ”