हरतालिका तीज

आज सवेरे मन्दिर के गलियारे में शंकर-पार्वती की कच्ची मिट्टी की प्रतिमायें और उनके श्रृंगार का सस्तौआ सामान ले कर फुटपाथिया बैठा था। अच्छा लगा कि प्रतिमायें कच्ची मिट्टी की थीं – बिना रंग रोगन के। विसर्जन में गंगाजल को और प्रदूषित नहीं करेंगी।

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गंगाजी में लोग लुगाई नहा रहे थे। पानी काफी है वहां। Hartalika2मन्दिर में दर्शन के बाद एक दम्पति लौट रहे थे। औरत, आदमी और बच्चा। एक बकरी पछिया लियी। बच्चा बोला – “बकरी मम्मी”! पर मम्मी ने मोटरसाइकल पर पीछे बैठते हुये कहा – “गोट बेटा”।

गोटमाइज हो रहा है भारत! 

आज तीज-ईद-गणेश चतुर्थी मुबारक!  


Published by Gyan Dutt Pandey

Exploring rural India with a curious lens and a calm heart. Once managed Indian Railways operations — now I study the rhythm of a village by the Ganges. Reverse-migrated to Vikrampur (Katka), Bhadohi, Uttar Pradesh. Writing at - gyandutt.com — reflections from a life “Beyond Seventy”. FB / Instagram / X : @gyandutt | FB Page : @gyanfb

22 thoughts on “हरतालिका तीज

  1. गोटमाइज हो रहा है भारत! sach kahu to pata nahi iske alava bhi kya kya ho raha hai bharat, bas bhartiykaran nahi hota dikh raha…aapke yahan ke is futhpathiya dukanadar ki tarah kaash sabhi jagah ke aise dukandar ho jayein to kitna accha ho…haritalika teej ya chhattisgarhi me kahu to Teeja par meri ek purani post, jis par aapki tippani kya thi yad karne ke liye dekhiye…http://sanjeettripathi.blogspot.com/2007/09/blog-post_11.html

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  2. आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आया. मूर्तियां बहुत ही सुन्दर हैं. प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, जनचेतना ही इससे निजात दिला पाएगी.मम्मी और गोट.. :)

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  3. आज मेरे घर में भी निर्जला उपवास चल रहा है। माँ और धर्मपत्नी दोनो ने आज कुछ नहीं लिया। हम छुट्टी में उन्हीं से हलुआ बनवाकर खा रहे हैं। कल भोर में खुद बनाकर उन्हें खिलाएंगे। इससे ज्यादा कुछ कर भी नहीं सकते।बकरी का गोटिफ़िकेशन करने वाली मम्मी जी भी गंगा नहाने आयी ही थीं। एक साथ कई धाराएं है यहाँ। बल्कि भारत में एक साथ कई सदियाँ निवास कर रही हैं।

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  4. तो कुल मिला कर सार संग्रह ये कि ….अब तक भारत ने जो भी तरक्कीज़ की है ..या जितना भी आधुनिकतास्टिक परिवर्तन हुआ है ………उसके लिए फ़िफ़्टी परसेंट मम्मी जी जिम्मेदार हैं …और बांकी फ़िफ़्टी परसेंट के लिए ..ओह दीज़ बकरीज़ ….और कौन ???

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  5. आप अच्छा लिखते हैं पर शिव भाई कालजयी लिखते हैं:) ये मात्र आपकी जानकारी के लिए.. हम पर कोई ज़िम्मेदारी नहीं है

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  6. बच्चा बोला – “बकरी मम्मी” अब बच्चे को पता है कि उस की मम्मी क्या है?इस का चित्र भी देते तो बात कुछ अलग थी:) देखे तो सही बकरी मोटर साईकिल पर बेठी केसी लगती है

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  7. G फॉर बकरी बतायेगा स्कूल में तो PTM में अध्यापिका कहेगी, आप घर में नहीं पढाते हैं।गोट बताना जरुरी है जीवरना पिछड जायेग।प्रणाम

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