झिनकू


झिनकू झिनकू औराई के आगे फुटपाथ पर रहता है। कुल 5-7 परिवार हैं बांस की दऊरी, बेना आदि बनाने वालों के। आजमगढ़ के रहने वाले हैं ये। अपने गांव पांच साल में एक बार जाते हैं – तब जब प्रधानी का चुनाव होता है। जिसे वोट लेना होता है, वही ले कर जाता है। वहीContinue reading “झिनकू”

डा. दुर्गातोष पाण्डेय की रचनाधर्मिता पर विचार


डा. दुर्गातोष पाण्डेय ऑन्कॉलॉजिस्ट हैं। केंसर विशेषज्ञ। भारत के अन्यतम केंसर विशेषज्ञों में अग्रणी। उम्र लगभग 44 साल। गूगल सर्च करने पर उनके विषय में शब्द उभरते हैं – बेस्ट ऑन्कॉलॉजिस्ट ऑफ़ इण्डिया। गूगल पर उनके विषय में 19 रिव्यू हैं और सब पॉजिटिव! रेटिंग 4.9/5 है। लगभग यही रेटिंग उनके फ़ेसबुक पेज पर है।Continue reading “डा. दुर्गातोष पाण्डेय की रचनाधर्मिता पर विचार”

रामप्रसाद दूबे, कांवरिया


अधिकांश कांवरिये समूह में थे। वह अकेला चला जा रहा था सवेरे सवा छ बजे। अपनी धुन में। उसके पास रंगबिरंगी कांवर भी नहीं थी। एक रस्सी से दो छोटे प्लास्टिक के जरीकेन लटकाये था कांधे पर। एक आगे और एक पीछे। कपड़े – एक शंकरजी के छापे वाला टी–शर्ट और नेकर, केसरिया रंग में,Continue reading “रामप्रसाद दूबे, कांवरिया”

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