दण्डीस्वामी डा. विद्यानन्द सरस्वती – गुन्नीलाल पाण्डेय के गुरु जी – से मुलाकात


कल अगियाबीर का गंगातट देखने के बाद हम (राजन भाई और मैं) गुन्नीलाल पाण्डेय जी के घर पंहुचे। गुन्नी रिटायर्ड स्कूल अध्यापक हैं। सम्भवत: प्राइमरी स्कूल से। मेरी ही उम्र के होंगे। एक आध साल बड़े। गांव के हिसाब से उनकी रुचियाँ परिष्कृत हैं। बड़ा साफ सुथरा घर। तरतीब से लगाई गयी वनस्पति। चुन करContinue reading “दण्डीस्वामी डा. विद्यानन्द सरस्वती – गुन्नीलाल पाण्डेय के गुरु जी – से मुलाकात”

द्वारिका और परवल का जवा


पचेवरा के घाट पर प्रतीक्षा करने वालोँ के लिये चबूतरा है। दाह संस्कार करने आये लोग और मोटर बोट पकड़ कर उस पार मिर्जापुर जाने वाले यहाँ इंतजार करते हैँ। मैँ सवेरे वहां तक चक्कर लगाता हूं। कुछ देर सुस्ताने के लिये उस चबूतरे पर बैठता हूं। वहां से गंगा की धारा भी दिखती हैContinue reading “द्वारिका और परवल का जवा”