अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड का वैराग्य


डा. आलोक जी से बात होने पर लगा कि जैसा श्मशान वैराग्य होता है, उसी तरह एक वैराग्य एमरजेंसी वार्ड का भी होता है. सेंसिटिव लोग (और डाक्टर भी) उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहते.