प्रयागराज में सवेरे साइकिल चलाना रुच रहा है


गांव और शहर दोनों के साइकिल भ्रमण के अपने अलग अलग चार्म हैं. मन अब दोनों से आकर्षित होता है.

प्रयागराज में सवेरे की साइकिल सैर


कुल 11 किलोमीटर साइकिल चलाई. यह लगा कि स्टेमिना इससे ज्यादा का है. बीच में एक जगह बिना चीनी की चाय का पड़ाव मिल जाए तो सिविल लाइंस तक का ट्रिप लगाया जा सकता है.

एकादशाह – देह त्याग से 11 वाँ दिन


पिताजी के एकादशाह के दिन के 9 ट्वीट हैं जो उस दिन का मोटा मोटा विवरण देते हैं.

तेरही के अरेंजमेंट के लिए डोसा वाले दूबे जी


कोई दुकान नहीं, कोई इन्वेंट्री नहीं, फिर भी खूब चलता है दूबे जी का बिजनेस. सब मोबाइल फोन का कमाल है.

अमृतस्य गंगा


आस्था और वास्तविकता के जबरदस्त विरोधाभासों की नदी हैं गंगा. आस्था ही है कि इस रास्ते दस दिनों से पीपल के पेड़ पर घण्ट में जल भर रहा हूँ मैं!

दाढ़ी बढ़ गई है


यह समय अजीब है. कुछ भी कहना, लिखना, सम्प्रेषण करना चाहता हूँ; वह घूम फिर कर पिताजी की स्मृति से जुड़ जाता है.