वे सुबोध पाण्डे हैं। किताबों में बसते हैं। पुस्तकों में रमने वाले जीव। भीषण पढ़ाकू। मैं उनसे कहता हूं कि उनकी तरह पढ़ने वाला बनना चाहता हूं, पर बन नहीं सकता मैं – किताबें खरीदने का चाव है, पर अनपढ़ी किताबें घर में गंजती जा रही हैं। इस पर सुबोध पाण्डे जी का कहना हैContinue reading “इलाहाबाद और किताबों पर केन्द्रित एक मुलाकात”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
कल्लू ने मटर बोई है!
कछार में इस पार लोग सब्जियां लगाते थे। हाथ से ही गड्ढा खोदते, बीज डालते और खाद-पानी देते थे। पिछली बरस कल्लू-अरविन्द और उसके पिताजी को डीजल जेनरेटर/पम्पिंग सेट के माध्यम से गंगाजी का पानी इस्तेमाल कर सिंचाई करते देखा था। इस साल देखा कि उनके कुछ हिस्से में ट्रैक्टर से गुड़ाई कर कुछ बीजContinue reading “कल्लू ने मटर बोई है!”
गुप्त ऊर्जा के स्रोत
जब मैं मानव में गुप्त ऊर्जा का उदाहरण सोचता हूं, तो मुझे आदिशंकर की याद आती है। वे आये इस धरा पर। जर्जर हिन्दुत्व को पुन: स्थापित किया। पूरे भारतवर्ष पर अपनी छाप छोड़ी और बहुत जल्दी अपना काम कर चले भी गये। क्या गुण होते हैं जो एक व्यक्ति को आदिशंकर बना देते हैंContinue reading “गुप्त ऊर्जा के स्रोत”
