हिन्दी में पुस्तक अनुवाद की सीमायें


दो पुस्तकें मैं पढ़ रहा हूं। लगभग पढ़ ली हैं। वे कुछ पोस्ट करने की खुरक पैदा कर रही हैं। खुरक शायद पंजाबी शब्द है। जिसका समानार्थी itching या तलब होगा। पहली पुस्तक है शिव प्रसाद मिश्र “रुद्र” काशिकेय जी की – बहती गंगा। जिसे पढ़ने की प्रेरणा राहुल सिंह जी से मिली। ठिकाना बतायाContinue reading “हिन्दी में पुस्तक अनुवाद की सीमायें”

कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ


यह श्री गोपालकृष्ण विश्वनाथ जी की अतिथि पोस्ट है। हाल ही में पत्नी के साथ कैलिफ़ोर्निया गया था। अपने बेटी और दामाद के यहाँ कुछ समय बिताकर वापस लौटा हूँ। बेटी और दामाद पिछले १० साल से वहीं रह रहे हैं और कई बार हमें आमंत्रित किए थे पर पारिवारिक और व्यवसाय संबन्धी मजबूरियों केContinue reading “कैलीफोर्निया में श्री विश्वनाथ”

हरतालिका तीज


आज सवेरे मन्दिर के गलियारे में शंकर-पार्वती की कच्ची मिट्टी की प्रतिमायें और उनके श्रृंगार का सस्तौआ सामान ले कर फुटपाथिया बैठा था। अच्छा लगा कि प्रतिमायें कच्ची मिट्टी की थीं – बिना रंग रोगन के। विसर्जन में गंगाजल को और प्रदूषित नहीं करेंगी। गंगाजी में लोग लुगाई नहा रहे थे। पानी काफी है वहां।Continue reading “हरतालिका तीज”

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