*** ओमप्रकाश मुर्गीपालक *** उस मुर्गी खाने में झिझकते हुये मैं प्रवेश कर गया। पूर्णत: शाकाहारी और लहसुन-प्याज को भी नापसंद करने वाला उस ब्रायलर पोल्ट्री फार्म को देखने इसलिये गया कि उस व्यवसाय का कुछ गणित समझ पाऊं। इस जिज्ञासु वृत्ति के कारण मैं कई अप्रिय स्थानों पर जा चुका हूं। एक बार तोContinue reading “ओमप्रकाश मुर्गीपालक”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
11 दिसम्बर की छोटी पोस्टें
[1] आज बगल के एक घर के बाहर एक लड़की और छोटा बच्चा धूप सेवन करते दिखे। लड़की स्वेटर बुनने की सलाइयों से पांवपोंछ बना रही थी। पुरानी साड़ी से लम्बे लम्बे टुकड़े जोड़ कर एक गोला बनाया था, जैसे ऊन का गोला होता है। उस लम्बे साड़ी के ‘धागे” से बुना जा रहा थाContinue reading “11 दिसम्बर की छोटी पोस्टें”
अमलेश सोनकर का मचान
*** अमलेश सोनकर का मचान *** मेरे घर से आधा किमी की दूरी पर है अमलेश का खेत। दूर से मैने देखा तो सफेद चांदी सा कुछ जमा था खेत में। थोड़ा पास गया तो एक बच्चे ने बताया – “रेक्सहवा कोंहड़ा है। इसकी मिठाई बनती है।” ज्यादा पास जाने पर अमलेश मिले। वे खेतContinue reading “अमलेश सोनकर का मचान”
