उपेक्षाभाव से मैं यह भी लिख सकता था – डिसिप्लिनाचार्यों का वीपन! डिसिप्लिन (decipline) और वीप (weep) अंग्रेजी से और शब्दविन्यास हिन्दी से लेते हुये। पर शायद वह संप्रेषण में ज्यादा अटपटा हो जाता। लेकिन, मान्यवर, वह होता मूल भावना के ज्यादा करीब। हिन्दी में इतने साल में थोड़े से ब्लॉग बने हैं। वो भीContinue reading “अनुशासनाचार्यों का रुदन!”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
अवसादहारिणी गंगा
गंगा किनारे जाना अवसाद शमन करता है। उत्फुल्लता लाता है। उस दिन मेरे रिश्ते में एक सज्जन श्री प्रवीणचन्द्र दुबे [1] मेरी मेरे घर आये थे और इस जगह पर एक मकान खरीद लेने की इच्छा व्यक्त कर रहे थे। मैं घर पर नहीं था, अत: उनसे मुलाकात नहीं हुई। टूटी सड़क, ओवरफ्लो करती नालियांContinue reading “अवसादहारिणी गंगा”
स्पैम (SPAM) के मायने
मैने अपने महाप्रबन्धक महोदय को एक ई-मेल भेजी थी – साढ़े तीन एम.बी. के अटैचमेण्ट के साथ। उनके यह कहने पर कि वह उन्हें मिली नहीं, मैने पुन: प्रेषित कर दी – मुझे अटैचमेण्ट के आधार पर प्रशासनिक सपोर्ट की जरूरत थी। पर दूसरी बार भी उन्हें मेल न मिलने पर अजीब लगा, सो मैंContinue reading “स्पैम (SPAM) के मायने”
