रवि रतलामी ने अपने लेख ’हनी, आई श्रंक द पिक्स’ मे यह कहा है कि मैने लगभग १०० केबी के चित्रों का प्रयोग किया है और वह - "आवश्यकता से 10 गुना अधिक रिसोर्स का प्रयोग किया गया है जो चिट्ठाकार के लिए भी ठीक नहीं है और उसके पाठकों के लिए भी." (रवि केContinue reading “रविरतलामी जी ब्लॉगर.कॉम मूर्ख नहीं है”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
जमीन, भैंसें और शिलिर-शिलिर परिवर्तन
मेरे घर के आसपास गाय भैंस पालने वाले रहते हैं। पिछली मुलायम सिंह सरकार के थोक वोटबैंक थे यह। उस दौरान कई सरकारी नौकरी पा गये और सभी ने शिवकुटी मेला क्षेत्र की जमीन लेफ्ट-राइट-सेण्टर हड़पी। कई अपनी दुकाने अधिकृत-अनाधिकृत तरीके से खोल कर जीवन यापन करने लगे। उनका जीवन स्तर गंवई, श्रमिक या निम्नContinue reading “जमीन, भैंसें और शिलिर-शिलिर परिवर्तन”
कैसे लाऊं जिप्सियाना स्वभाव
छब्बीस दिसम्बर को मेरा दफ्तर इलाहाबाद में सिविल लाइन्स से बदल कर सुबेदारगंज चला गया। महाप्रबंधक कार्यालय का उद्घाटन तो पिछले महीने ही हो गया था। मेरे दफ्तर का शिफ्टिंग अब हुआ। बड़ी आलीशान इमारत है नये दफ्तर की। खुला वातावरण। पर मैं अवसादग्रस्त हो गया हूं। नयी जगह पर अटपटा लग रहा है। ट्यूबContinue reading “कैसे लाऊं जिप्सियाना स्वभाव”
