गुजरात में पुलीस के अधिकारी एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के छ्द्म-एनकाउंटर के मामले में पकड़ लिये गये हैं. उनमें से प्रमुख, डीजी वंजारा ने कहा है – “बैटल लाइंस आर ड्रान.” बैटल लाइन वास्तव में खिंच गयी है. पुलीस, राजनेता, अपराधी, मीडिया और आम जनता – इस रणभेरी में सभी गड्ड-मड्ड हैं. यह केवलContinue reading “वंजारा कहते हैं – रणभेरी बज चुकी है”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
हसन जमाल को इंटरनेटेनिया क्यों नहीं हो सकता
बेताल पच्चीसी की तरह इस ब्लॉग पोस्ट में लिंक और पेंच हैं. पहला और डायरेक्ट लिंक है रवि रतलामी का ब्लॉग. उसमें 4-5 लिंक हैं जो आप फुर्सत से वहीं से क्लिक करें. हसन जमाल एक मुसलमान का नाम है. ये सज्जन लिखते हैं. नया ज्ञानोदय जैसे अभिजात्य हिन्दी जर्नल-नुमा-पत्रिका में इनके पत्र/प्रतिक्रियायें छपती हैंContinue reading “हसन जमाल को इंटरनेटेनिया क्यों नहीं हो सकता”
अस्वीकृति को अधिकाधिक आमंत्रण दें
एक चीज जो आधी जिन्दगी के बाद मुझे बढ़िया (?) मिली है वह है – ब्लॉगिंग में अस्वीकृति का अभाव. आप अण्ट-शण्ट जो लिखें छाप सकते हैं.पब्लिश बटन आपके अपने हाथ में है. और भला हो नारद का, कुछ शिकार तो होते ही हैं जो आप की पोस्ट पर क्लिक कर बैठेंगे. पर क्या वास्तवContinue reading “अस्वीकृति को अधिकाधिक आमंत्रण दें”
