क्या आप मस्तिष्क की चोटों पर वेब साइट बनाने में भागीदारी करेंगे?


(भुसावल के पास सन २००० में भस्म हुये पंजाब मेल के डिब्बे) मैं ब्रेन-इन्जरी के एक भीषण मामले का सीधा गवाह रहा हूं. मेरा परिवार उस दुर्घटना की त्रासदी सन २००० से झेलता आ रहा है. मैं जिस दुर्घटना की बात कर रहा हूं, उसमें मेरा बेटा दुर्घटना ग्रस्त था. फरवरी १९’२००० में पंजाब मेलContinue reading “क्या आप मस्तिष्क की चोटों पर वेब साइट बनाने में भागीदारी करेंगे?”

शहर में रहती है नीलगाय


शहर में आपसे 20-25 कदम पर चरती नीलगाय दिख जाये और आपको देख भागने की बजाय फोटो के लिए पोज देने लगे, तो कैसा लगेगा? आज मेरे साथ वही हुआ. इलाहाबाद में प्रयाग स्टेशन से फाफामऊ को जाने वाली रेल लाइन जब गंगा के पास पंहुचती है तब उस लाइन के दायें 200-250 मीटर कीContinue reading “शहर में रहती है नीलगाय”

कहां से आता है अवसाद? चेहरे पे हंसी देता है कौन?


कहां से आता है अवसाद? चेहरे पे हंसी देता है कौन? मेरे लिये यह कविता का विषय नहीं, जद्दोजहद का विषय रहा है. पिछले महीने भर से मैने अपने एक बहुत करीबी को अवसाद में घिरते देखा है. अवसाद चिकित्सा के साथ साथ सपोर्ट मांगता है. अपने हिन्दुस्तान में चिकित्सा की बजाय ओझाई का सहाराContinue reading “कहां से आता है अवसाद? चेहरे पे हंसी देता है कौन?”

Design a site like this with WordPress.com
Get started