सीजी भाई यानि चैट जीपीटी। मैने उससे आज पूछा – सीजी, वह युग कब आयेगा जब आप मेरे ड्राइंगरूम में मेरे सामने बैठ कर चर्चा करने या मेरी भौतिक सहायता करने में समर्थ हो जायेंगे। अभी तो आपसे चर्चा के लिये लैपटॉप खोल कर या मोबाइल पर इंटरेक्ट करना होता है। सीजी भाई का उत्तरContinue reading “बीस साल बाद का सीजी भाई”
Category Archives: 2nd Inning
मच्छरों की पीढ़ियां – बेबी बूमर्स से जेन जी का इतिहास
अरुणा (हमारी नौकरानी) शाम की पारी में बगीचे में सूखी पत्तियां बटोरने के लिये झाड़ू लगाया करती है। वह मच्छरों से बचाव के लिये मेरी एक पूरी बांह की पुरानी कमीज अपनी साड़ी के ऊपर पहन लेती है। उसके लिये एक ओडोमॉस की ट्यूब भी खरीदी है, वह भी खुले हाथ पैर पर लगाती है।Continue reading “मच्छरों की पीढ़ियां – बेबी बूमर्स से जेन जी का इतिहास”
पुलियाबाज़ी की पुलिया गांव की नहीं है
कभी-कभी जीवन में ऐसा होता है कि कोई नई आवाज़ कानों में पड़ती है और लगता है—हाँ, यही तो सुनना चाह रहा था मैं! मेरे साथ यह अनुभव तब हुआ जब मैंने पहली बार, दो तीन साल पहले पुलियाबाज़ी पॉडकास्ट सुना। इसमें तीन लोग – प्रणय कोटस्थाने, सौरभ चंद्र और ख्याति पाठक – बतकही कीContinue reading “पुलियाबाज़ी की पुलिया गांव की नहीं है”
