पहली बार वहां सरपत की झोंपड़ी देखी गंगा किनारे द्वारिकापुर गांव में। दरवाजे की टटरी बंद थी। मैं उस झोंपड़ी का चित्र लेने लगा तो वह किशोर बाहर निकल आया। नंगे बदन। मात्र एक गमछा लपेटे। उत्तरीय के रूप में मात्र एक माला। नाम बताया मयंक चौधरी। घाट का डोम। पहले बनारस के घाट सेContinue reading “द्वारिकापुर का डोम – मयंक चौधरी”
Category Archives: Uncategorized
पण्डित बृजकिशोर मणि त्रिपाठी
कल शाम को मुझे बताया कि दो सज्जन आये हैं, मुझसे और मेरी पत्नीजी से मिलना चाहते हैं। मुझे लगा कि कोई व्यक्ति रविवार की शाम बरबाद करना चाहते हैं – किसी पोस्टिंग/ट्रांसफर छाप अनुरोध से। पर जो व्यक्ति मिले, मानो मेरा सप्ताहांत बन गया! मिलने वाले में थे पण्डित बृजकिशोर मणि त्रिपाठी और उनकेContinue reading “पण्डित बृजकिशोर मणि त्रिपाठी”
शराफत अली का चित्र
शराफत अली पर मैने एक पोस्ट लिखी थी – शराफत अली ताला चाभी वर्क्स। उसके बाद मेरे एक सहकर्मी श्री राजेश उनसे यह अनुरोध करने गये थे कि वे मुझसे मिलना स्वीकार कर लें। पर शराफत अली नहीं मिले। मैने (बहुत कम) शराफत अली को उनकी दुकान पर देखा है। पर दफ्तर जाते हुये अपनेContinue reading “शराफत अली का चित्र”
