चारधाम यात्रा के अंतिम धाम की ओर प्रेमसागर


सवेरे जल्दी चल कर प्रेमसागर करीब 33-34 किमी चल कर कर्णप्रयाग पंहुचे थे। रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ की पैदल यात्रा वे कर रहे हैं। केदारनाथ की यात्रा की चारधाम यात्रा एक अनुषांगिक (सबसीडियरी/एंसिलियरी) यात्रा है।

केदारनाथ, 11वाँ ज्योतिर्लिंग दर्शन सम्पन्न, प्रेमसागर


गजब आदमी! कल दिन भर चलता रहा। चालीस किलोमीटर चल कर फाटा से केदारनाथ दर्शन किये। फिर लौट कर चालीस किमी पैदल चल कर वापस फाटा पंहुचेगा! अस्सी किलोमीटर की पहाड़ की पैदल यात्रा तीस घण्टे में। उस बीच केदारनाथ के ‘वंस-इन-लाइफटाइम’ वाले दर्शन।

ऋचा भट्ट बडोला की पाइन इन द टेल


मैंने सोचा था कि ऋचा एक नितांत शहरी जीव होंगी और उनकी गांवदेहात की समझ, हद से हद, सतही ही होगी। पर एक एक कहानी खत्म करने पर यह अहसास पुख्ता होता गया कि ऋचा में जो अंचल की समझ है वह ठोस और गहरी है। उनकी कहानी बुनने की क्षमता, सरल साधारण में भी कथा के सभी अनिवार्य तत्व सूंघ कर सशक्त भाषा में उकेरना प्रशंसनीय है।

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