डिण्डौरी – नर्मदा किनारे धर्मशाला में रात्रि


धर्मशाला वालों ने बहुत मान सम्मान किया। कमरे में झाड़ू लगवा कर दरी बिछवाई, गद्दा, चादर और कम्बल आदि साफ साफ दिये। धर्म शाला थी तो चारपाई नहीं थी, गद्दा फर्श पर ही लगा। बड़े आदर-प्रेम से भोजन कराया। “लगता है नर्मदा माई अपने पास रात में सुलाना चाहती थीं, सो उन्होने धर्मशाला में बुला लिया। अब कल सवेरे यहीं माई की गोद में स्नान कर आगे बढ़ूंगा।”