बर्फी सोनकर और (सब्जी) मण्डी के बदलाव के भय


बर्फी सोनकर अपने अनुभव, नेटवर्क, सूचनाओं और इनट्यूशन की बदौलत इतना कमाते हैं, जितना कोई मध्य स्तर की कम्पनी का सीईओ कमाता होगा। उनका लड़का रंगीला, अभी सीखते हुये बतौर आढ़त एप्रेण्टिस, मजे से व्यवसाय करता है।

कोरोना के बाद बेहतर समय आयेगा? – रीता पाण्डेय


वाह कोरोना! वाह लॉकडाउन! इनके चक्कर में भूले बिसरे लोग-रिश्ते जुड़ रहे हैं। न आदमी घर में बन्द होता, न अतीत की याद करता और न बचपन के सम्बन्ध खोजता।

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