अफगानिस्तान, अफीम और आतंकवाद


मेरा सोचना था कि खनिज तेल की अर्थव्यवस्था इस्लामी आतंकवाद को धन मुहैया कराती है और जब तेल का वर्चस्व समाप्त हो जायेगा, तो आतंकवाद को फण्ड करने का जरीया नहीं बचेगा और इस्लाम पुन: एक प्रेम और भाईचारे पर आर्धारित, मानवीय समानता की अपनी पुरानी पहचान पर लौटेगा. पर कल इकॉनमिस्ट में छपे एकContinue reading “अफगानिस्तान, अफीम और आतंकवाद”

संजय कुमार, रागदरबारी और रेल के डिब्बे


कल मुझे बहुत आश्चर्य हुआ जब संजय कुमार (जो हमारे चीफ रोलिंग स्टॉक इंजीनियर हैं) ने इण्टरकॉम पर मुझसे पूछा कि मेरा ब्लॉग तो उन्होने गूगल सर्च से ढ़ूंढ़ लिया है, पर अब हिन्दी में टिप्पणी कैसे करें. यह अच्छा था कि कुछ ही दिन पहले मैने हिन्दी ट्रांसलिटरेशन औजार ब्लॉग पर लगाया था. मैनेContinue reading “संजय कुमार, रागदरबारी और रेल के डिब्बे”

सम्बन्धों के नये वैश्विक समीकरण


फलाने जी का लड़का अमेरिका से आ रहा है. वह एक मलेशियायी लड़की से शादी कर रहा है. लड़की भी साथ आ रही है. यहां लखनऊ में उसके सरोगेट (surrogate) मां-पिताजी का इंतजाम किया गया है. कन्यादान सहित सभी वैवाहिक रस्में की जायेंगी. हफ्ते भर बाद लड़का और उसकी मलेशियायी पत्नी वापस लौट जायेंगे.सब ऐसेContinue reading “सम्बन्धों के नये वैश्विक समीकरण”

रामबिलास का रिक्शा


रामबिलास साल भर पहले लहरतारा पुल(बनारस), के नीचे गुमटी में रहता था और रिक्शा चलाता था. दिमाग से तेज है. कमाता भी ठीकठाक था. स्कूल के बच्चों को लेजाने – लेआने का काम भी उसके पास था. केवल दो ऐब के चलते वहां रह नहीं पाया. पहला ऐब तो नित्य नियम से शराब पीने काContinue reading “रामबिलास का रिक्शा”

नयी ब्लॉग-पोस्ट को पिंग-शहद चटायें!


मेरी ब्लॉगस्पॉट के ब्लॉग की फीड फीडबर्नर से जाती है. सामान्यत: नयी पोस्ट पब्लिश करने पर मैं बाकी काम में लग जाता हूं. पर जब बैठा रहता हूं तो सामान्य जिज्ञासा होती है कि पोस्ट किसी एग्रीगेटर पर चढ़ी या नहीं. कई बार काफी समय निकल जाता है और फीड आती नहीं. फीडबर्नर की आरएसएसContinue reading “नयी ब्लॉग-पोस्ट को पिंग-शहद चटायें!”

"यह पौधा मानवता का रक्षक बनेगा"!(?)


जट्रोफा से बायो डीजल बनाने पर बहुत सारे मित्र लोग बहुत कुछ कह चुके हैं. पंकज अवधिया (दर्द हिन्दुस्तानी) जी ने तो मुझे बहुत सामग्री भी दे दी थी यह बताते हुये कि इस खर-पतवार में बुरा ही बुरा है, अच्छा कुछ भी नहीं. पर दो दिन पहले फ्रीकोनॉमिक्स ब्लॉग में एक पोस्ट है. उसमेंContinue reading “"यह पौधा मानवता का रक्षक बनेगा"!(?)”