हृदय रोगों की चिकित्सा में फूलों का प्रयोग


श्री पंकज अवधिया का बुधवासरीय अतिथि लेख। फूल और तनाव दूर करने को मैं जोड़ कर देखता था। पर यहां फूल और हृदय रोगों की चिकित्सा को जोड़ रहे हैं अवधिया जी। पिछले सप्ताह एक विवाद (वाकई?) बना था लेख का शीर्षक देने के विषय में। लेख के शीर्षक देने का काम अवधिया जी मुझContinue reading “हृदय रोगों की चिकित्सा में फूलों का प्रयोग”

और यह है एक रीयल बिजनेस


कल मैं नारायणी आश्रम में लौकी का जूस बेचने की बिजनेस अपॉर्चुनिटी की बात कर रहा था। पर रीडर्स डाइजेस्ट के एक फिलर में तो एक बढ़िया बिजनेस विवरण मिला। एक दिल्ली के व्यवसायी, केप्टन बहादुर चन्द गुप्ता, लोगों को हवाई यात्रा का अनुभव कराने का काम कर रहे है – केवल 150 रुपये में।Continue reading “और यह है एक रीयल बिजनेस”

एक आदर्श बिजनेस


गंगा १०० कदम पर हैं नारायणी आश्रम| वहां सवेरे एक हजार लोग घूमने आते होंगे। गंगा के कछार में आजकल ककड़ी, नेनुआँ, खीरा, टमाटर और लौकी की फसल हो रही है। वहीं से यह सामग्री ले कर यह कुंजड़िन सवेरे सवेरे अपनी दुकान लगा कर बैठ जाती है। आज सवेरे साढ़े पांच बजे वह तैयारContinue reading “एक आदर्श बिजनेस”

आप iGoogle या Google Reader में जोड़ें यह ब्लॉग


आपमें से अनेक iGoogle या Google Reader के माध्यम से अपनी फीड या अन्य सामग्री इण्टरनेट पर व्यवस्थित करते हैं। इस विषय में मैने अपने ब्लॉग फीड को गूगल गैजेट के रूप में बांये बाजू की पट्टी (»») पर उपलब्ध करा दिया है। आप उस बटन को क्लिक कर ब्लॉग फीड को iGoogle (अपने होमपेज)Continue reading “आप iGoogle या Google Reader में जोड़ें यह ब्लॉग”

समाजवादी


एक समाजवादी – एक बेशर्म, निर्लज्ज, भंगार, कबाड़गृह, या इसी तरह के अनूठे नाम के ब्लॉग का सृजक और रेगुलर पोस्ट ठेलक। दो समाजवादी – वीथिका, पगडण्डी, वातायन, गली, चौराहा जैसे नाम के ज्वाइण्ट ब्लॉग के सदस्य। उनमें एक ब्लॉग मॉडरेटर और दूसरा ब्लॉग एड्मिनिस्ट्रेटर। कोई दूसरे से कमतर नहीं। तीन समाजवादी – एक अखिलContinue reading “समाजवादी”

ई पापा बहुत हरामी हौ!


मणियवा का बाप अस्पताल में भरती था। करीब सप्ताह भर रहा खैराती अस्पताल में। वहां मुफ्त खाना तो मिलता था, पर सादा। पीने को कुछ नहीं मिलता था। छूटने पर घर आते ही पन्नी (कच्ची शराब की पाउच) का सेवन किया। सेवनोपरान्त अपनी पत्नी पर कुण्ठा उतारने को प्रहार करने लगा। पत्नी बचने को बेबन्दContinue reading “ई पापा बहुत हरामी हौ!”