मन्दिर पर छोटी छोटी चीजें गुम जाने का समाजशास्त्र


मालिन बैठती है कोटेश्वर महादेव मन्दिर के प्रांगण में। घिसा चन्दन, बिल्वपत्र, फूल, मालायें और शंकरजी को चढ़ाने के लिये जल देती है भक्तजनों को। एक तश्तरी में बिल्वपत्र-माला-फूल और साथ में एक तांबे की लुटिया में जल। भक्तों को पूजा के उपरांत तश्तरी और लुटिया वापस करनी होती है। मैने उससे पूछा – लुटियाContinue reading “मन्दिर पर छोटी छोटी चीजें गुम जाने का समाजशास्त्र”

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