धंधुका से आगे प्रेमसागर, वागड़ में


रास्ते में प्रेमसागर खपरैल के मकान और एक जगह मंदिर-मस्जिद के आमने सामने के होने के चित्र भी भेजते हैं। उनसे लगता है कि गांवदेहात का गुजरात अन्य भारत से बहुत अलग नहीं है। एक जगह कपास की खेती का चित्र भी है।