बिस्राम का बुढ़ापा


वह लाठी टेकते आया था और खड़ंजे के अंत पर खड़ा था। एक टीशर्ट पहने जिसपर तिरंगा बना था और नीले रंग में अशोक चक्र भी। उसकी टी शर्ट और उम्र देख कर मैं रुक गया। बुढ़ापे से टीशर्ट मैच नहीं कर रही थी। मैंने कहा – “टीशर्ट बहुत अच्छी है। कहां से लिया?” उसकेContinue reading “बिस्राम का बुढ़ापा”

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