नया फेज – यू ट्यूब विश्वविद्यालय का विद्यार्थी


गूगल सर्च, यूट्यूब, ह्वाट्सएप्प और ओटीटी – सब मिला कर रिटायर आदमी के लिये समय बहुत क्रीयेटिव तरीके से नष्ट करने के साधन हैं। मैंने यूट्यूब को बतौर विद्यार्थी पुन: ज्वाइन किया है।

मैं सवेरे उठता कैसे हूं?


यही मेरे कर्मकाण्ड हैं। यही मेरा धर्म। … बस। चारधाम की यात्रा, किसी मंदिर देवालय में जाना, किसी धार्मिक समारोह में शरीक होना – यह मेरी सामान्य प्रवृत्ति नहीं है और उनके लिये सयास कर्म नहीं करता। हां, उन्हें जड़ता या उद्दण्डता से नकारता भी नहीं।

साइकिल सैर की एक दोपहर – विचित्र अनुभव


वे दम्पति भारत के उस पक्ष को दिखाते हैं जो जाहिल-काहिल-नीच-संकुचित है। भारत अगर प्रगति नहीं करता तो ऐसे लोगों के कारण ही।