गांव में आ कर शुरू शुरू में लगता था कि यहां वह सब नहीं होगा जिसकी शिकायत शहरों और राजनीति में की जाती है। कट मनी, दबंगई, सिंडीकेट, उगाही — ये सब कहीं दूर की चीजें लगती थीं। गांव मानो बचपन में लौटने की जगह था। शायद हम गांव को देखना नहीं, याद करना चाहतेContinue reading “कहां नहीं है कट मनी, दबंगई, सिंडीकेट”
