कुल बीस मिनट लगते हैं उसे मेरे जोड़ों की मालिश करने में। इस दौरान मैं सामान्यत: टैब पर कोई लेख या अख़बार का सम्पादकीय सुनता रहता हूं। आज टैब पास नहीं था और वह आ गया। मेरे पास समय था और उसके हाथ, यद्यपि व्यस्त थे, पर बात-चीत तो वह कर ही सकता था। मैंनेContinue reading “गांव भर का हाल”
