हम बच्चों की आवाज़


मेरा नाम पद्मजा है, मेरी उम्र तेरह साल है, और मैं गर्व के साथ कहती हूँ कि मैं भारत की नागरिक हूँ।। मैं एक ऐसे देश में पलीबढ़ी हू जो अपनी संस्कृति, विविधता और लोकतंत्र के लिए जाना जाता है। बचपन से हमें सिखाया जाता है कि शिक्षा, मेहनत , साहस से हम अपना भविष्यContinue reading “हम बच्चों की आवाज़”

मितव्ययता की कवायद


प्रधानमंत्री जी ने जनता (पढ़ें: टैक्स भरने वालों) से कहा है कि सोना कम खरीदें, विदेश यात्राएँ टालें, ईंधन बचाएँ और मितव्ययिता अपनाएँ। हम तो 28 फरवरी को, जिस दिन पिछला गैस सिलिंडर रीफिल हुआ था, तभी से गैस चूल्हे को लगभग दरकिनार कर चुके हैं। तीन महीने बाद भी सिलिंडर आधे से अधिक भराContinue reading “मितव्ययता की कवायद”

सब देवता हैं — पूजा पा कर प्रसन्न हो जाते हैं


अवैध खनन की मिट्टी ले जाता ट्रैक्टर नहीं चाहता कि उसकी पारी मिस हो। वह जल्दी में रहता है। ट्रॉली क्षमता से अधिक लादी जाती है। गांव की जर्जर सड़कों पर ट्रैक्टर दौड़ते हैं। थोड़ा भी गड्ढा मिले तो संतुलन बिगड़ सकता है। ऊपर से चलाने वाले अक्सर 17-20 साल के लड़के होते हैं —Continue reading “सब देवता हैं — पूजा पा कर प्रसन्न हो जाते हैं”

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