गांवदेहात डायरी एक्यूआई बताने वाले एप्प की बजाय हवा की सही गुणवत्ता बताने के तरीके गांव देहात में अलग हैं। बनारस जाने वाली पसीजर कितने बजे जाती है; वही तय करती है कि बगल के केवटान और पसियान में चूल्हे कब सुलगाये जायेंगे और कब हवा में धुआं भरेगा। पसीजर से कई मरसेधू काम परContinue reading “राजन भाई की गेंहू थ्रेशाई”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
नेपाल के बारे में बतियाते जवान
गांवदेहात डायरी उमरहाँ के विकास पांडे के यहां से शहद की दो बोतलें लेकर लौट रहा था। गांव के फाटक पर रुकना पड़ा—रेलवे फाटक बंद था। इतने में एक मोटर साइकिल बगल में आकर रुकी। तीन सवार थे—नौजवान। कोई बात कर रहे थे नेपाल की। एक ने मुझसे पूछा—साइकिल बैटरी वाली है? बात का दरवाजाContinue reading “नेपाल के बारे में बतियाते जवान “
हरिहर से बातचीत
गांवदेहात डायरी सालों बाद कटका के प्लेटफार्म नम्बर 2 पर गया। वहीं मिला हरिहर। अंधा है वह। हाथ में एक लाठी, बगल में एक झोला—जिसमें बिस्कुट के पैकेट। उन्हीं को लेकर वह ट्रेनों के कॉरिडोर में चलता और बेचता है। हरिहर प्लेटफार्म पर बैठने लगा तो किसी ने आगाह किया—“ट्रेन आवे वाली बा। आगे बैठबेContinue reading “हरिहर से बातचीत”
