मैने संकल्प न किया होता, तो यह यात्रा कभी न करता – प्रेमसागर


छ साल पहले हृदय रोगी जो छ मीटर भी नहीं चल सकता था, आज पैदल मैकल पहाड़ चढ़ गया! … प्रेम सागर कहते हैं कि अगर वे हृदय रोग से उबरे न होते तो उनका हार्ट फेल हो गया होता!

प्रेम सागर : रुद्राक्ष का रोपण और राजेंद्रग्राम को प्रस्थान


इग्यारह बजे उनका संदेश मिला – “संकरा वन है। अभी पता चला है कि बाघ या शेर आया हुआ है। उनके पैर का निशान मिले है। उसी जंगल को पार कर रहे हैं। यहाँ से ५ किलोमीटर किरन घाटी है (जहां रास्ता अवरुद्ध है) ॐ नमः शिवायः।”

प्रेमसागर के बारे में आशंकायें


“आप मेरे बारे मेंं लिख रहे हैं, उससे मैं गर्वित नहीं होऊंगा, इसके लिये सजग रहा हूं। आप चाहे दिन में तीन बार भी लिखें, मैं उससे विचलित नहीं होऊंगा, भईया। लालसा बढ़ने से तो सारा पूजा-पाठ, सारी तपस्या नष्ट हो जाती है।”

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