बैशाखी की सुबह थी। एक दिन पहले ही मैने देखा था पानी में पैदल चल कर सात आठ लोग गंगा पार कर टापू पर जा रहे थे सब्जियाँ उगाने के काम के लिये। आज भी मुझे अपेक्षा थी कि कुछ उसी तरह के लोग दिखेंगे। और; वे चिल्ला (गंगा किनारे की बस्ती, जहां वे श्रमिकContinue reading “मुस्कान”
Author Archives: Gyan Dutt Pandey
माई बुडि जाब। (माँ डूब जाऊंगा।)
सात आठ लोगों का समूह था। अपना सामान लिये गंगा में उभर आये टापू पर सब्जियाँ उगाने के काम के लिये निकला था घर से। गंगाजी में पानी ज्यादा नहीं था। एक रास्ता पानी में खोज लिया था उन्होने जिसे पानी में हिल कर पैदल चलते हुये पार किया जा सकता था। यह सुनिश्चित करनेContinue reading “माई बुडि जाब। (माँ डूब जाऊंगा।)”
तीन बनी
नत्तू पांडे के पास तीन खरगोश हैं – ह्वाईट बनी, ब्लैक बनी और बदमाश बनी। ह्वाईट और बदमाश बनी सफेद रंग के हैं। बदमाश बनी शराराती और कटखना है। उसकी बदमाशी के कारण उसे अलग पिंजरे में रखा जाता है। वह नत्तू पांड़े को दो तीन बार खरोंच चुका है। ब्लैक बनी मादा है। वहContinue reading “तीन बनी”
