तीन बनी


नत्तू पांडे के पास तीन खरगोश हैं – ह्वाईट बनी, ब्लैक बनी और बदमाश बनी। ह्वाईट और बदमाश बनी सफेद रंग के हैं। बदमाश बनी शराराती और कटखना है। उसकी बदमाशी के कारण उसे अलग पिंजरे में रखा जाता है। वह नत्तू पांड़े को दो तीन बार खरोंच चुका है। ब्लैक बनी मादा है। वहContinue reading “तीन बनी”

नत्तू पांड़े और प्रसन्नता


मेरी बिटिया और मेरा नाती विवस्वान (नत्तू पांड़े) यहां हमारे पास एक महीना रहे। वह महीना भर प्रसन्नता का दौर रहा। मेरी पत्नीजी को सामान्य से कहीं अधिक काम करना पड़ता था, पर मुझे कभी यह नहीं लगा कि वह उनको बोझ लग रहा था। मेरी बिटिया ने मेरे लड़के को उसके कमरे से बेदखलContinue reading “नत्तू पांड़े और प्रसन्नता”

मम, जै, आगा!


नत्तू पांड़े की भाषा में शब्द कम हैं, कारक-विशेषण-सर्वनाम पिद्दी पिद्दी से हैं। क्रियायें तो वैसी हैं जैसे ऊन बुचेड़ ली गयी भेड़ हों।  पर अभिव्यक्ति बहुत है। पूरा शरीर अभिव्यक्ति का माध्यम है। उन्हे हम गंगा किनारे ले कर गये। घर से पैदल गये नत्तू पांड़े। पहले हनूमान जी के मन्दिर पर रुके। श्रद्धाContinue reading “मम, जै, आगा!”

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