पकल्ले बे, नरियर!


पांच बच्चे थे। लोग नवरात्र की पूजा सामग्री गंगा में प्रवाहित करने आ रहे थे। और ये पांचों उस सामग्री में से गंगा में हिल कर नारियल लपकने को उद्धत। शाम के समय भी धुंधलके में थे और सवेरे पौने छ बजे देखा तब भी। सवेरे उनका थैला नारियल से आधा भर चुका था। निश्चयContinue reading “पकल्ले बे, नरियर!”

सिविल सेवा परीक्षा


इस वर्ष की सिविल सेवा परीक्षा के प्रथम 100 चयनित अभ्यर्थियों में केवल एक के विषय गणित और भौतिकी हैं। मुझे यह तब पता लगा जब मैंने एक परिचित अभ्यर्थी से उसके विषयों के बारे में पूछा। आश्चर्य की बात यह थी कि वह एक इन्जीनियर हैं और विज्ञान के विषय न लेकर बिल्कुल हीContinue reading “सिविल सेवा परीक्षा”

ब्लॉगिंग और फीड एग्रेगेटर


मुझे लगता है कि फीड एग्रेगेटर के बारे में जो पोस्टों में व्यग्रता व्यक्त की जा रही है, उसका बेहतर डिस्कशन ट्विटर पर हो सकता है। एक सौ चालीस अक्षरों की सीमा में। मेरा ट्विटर पर पूछना है – “हिन्दी ब्लॉगिंग में फीड एग्रेगेटर सहायक कम हैं और घर्षण अधिक उत्पन्न करते हैं।” – आपकाContinue reading “ब्लॉगिंग और फीड एग्रेगेटर”

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