शिक्षा में अंग्रेजियत के डिस्टॉर्शन


अपनी मातृभाषा के साथ अंग्रेजी की शिक्षा में गड़बड़ नहीं है। गड़बड़ अंग्रेजियत की शिक्षा में है। जब हमारा वैल्यू सिस्टम बदलता है तो बहुत कुछ बदलता है। अंग्रेजियत ओढ़ने की प्रक्रिया में जो बदलाव आता है वह डिस्टॉर्शन (distortion – विरूपण, कुरूपता, विकृति) है – सही मायने में व्यक्तित्व में बदलाव या नया आयामContinue reading “शिक्षा में अंग्रेजियत के डिस्टॉर्शन”

स्क्रॉलिंग ब्लॉगरोल – गूगल रीडर से


मैं आपको गूगल रीडर से स्क्रॉल करता ब्लॉगरोल बनाना बताता हूं। ऐसा ब्लॉगरोल मैने अपने ब्लॉग पर लगा रखा है। जिसे देख कर आप में से कुछ लोगों ने उसकी जुगाड़ तकनीक की बात की है।  गूगल रीडर पर आप अपना अकाउण्ट यहां पर जा कर खोल सकते हैं। पेज ऐसा दिखता है। इसके लियेContinue reading “स्क्रॉलिंग ब्लॉगरोल – गूगल रीडर से”

पर्यावरण के मुद्दे ॥ नीलगाय अभी भी है शहर में


टेराग्रीन (Terragreen) पत्रिका का नया अंक » इस वर्ष इण्टरगवर्नमेण्टल पेनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) और अल-गोर को संयुक्त रूप से नोबल शांति पुरस्कार दिये जाने के कारण पर्यावरण का मुद्दा लाइमलाइट में आ गया है।  कल मैने टेराग्रीन (Terragreen) नामक मैगजीन का एक अंक ४० रुपये खर्च कर खरीद लिया। यह पत्रिका श्री आर.केContinue reading “पर्यावरण के मुद्दे ॥ नीलगाय अभी भी है शहर में”

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