हर रोज हम लोग लिख रहे हैं। हिन्दी लिखने की मूलभूत समस्या और जद्दोजहद के बावजूद हम लोग लिख रहे हैं। रोज लिखते हैं, छाप देते हैं। मुझे विश्वास है कि अपनी पोस्ट बरम्बार निहारते भी होंगे। और शायद अपनी पोस्ट जितनी बार खोलते हैं, वह औरों की पोस्टें खोलने-पढ़ने से कम नहीं होगा। पोस्टContinue reading “संतृप्त, मुदित और असंवेदनशील है भारतीय मध्यवर्ग”
Category Archives: अर्थ
ब्लूमबर्ग : ब्राज़ील और तेल बाजार का बैलेंस
ब्लूमबर्ग ने खबर दी है कि ब्राजील में ऑफशोर ऑयल फील्ड केरिओका (Carioca) में 10 अरब बैरल क्रूड ऑयल का पता चला है। असल में आकलन 33 अरब बैरल का है, पर रिकवरी रेट 30% मान कर 10 अरब बैरल का आंकड़ा बनाया गया है। यह आकलन जोड़ने पर ब्राजील के ऑयल रिजर्व लीबिया सेContinue reading “ब्लूमबर्ग : ब्राज़ील और तेल बाजार का बैलेंस”
और यह है एक रीयल बिजनेस
कल मैं नारायणी आश्रम में लौकी का जूस बेचने की बिजनेस अपॉर्चुनिटी की बात कर रहा था। पर रीडर्स डाइजेस्ट के एक फिलर में तो एक बढ़िया बिजनेस विवरण मिला। एक दिल्ली के व्यवसायी, केप्टन बहादुर चन्द गुप्ता, लोगों को हवाई यात्रा का अनुभव कराने का काम कर रहे है – केवल 150 रुपये में।Continue reading “और यह है एक रीयल बिजनेस”
